काशी में सम्मानित होकर ज्योर्तिमठ लौटे बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, ढोल-दमाऊं के साथ हुआ भव्य स्वागत।
छोटी दीपावली पर श्री नृसिंह मंदिर परिसर में फूलमालाओं से अभिनंदन, मिष्ठान वितरण और रंगोली से सजा कार्यालय
ज्योर्तिमठ/गोपेश्वर, 7 नवंबर। वाराणसी (काशी) में संस्कृति संसद-2026 एवं अंतरराष्ट्रीय जैन जी कॉन्क्लेव के दौरान धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए विशिष्ट सम्मान प्राप्त करने के बाद श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के उपाध्यक्ष एवं श्री ज्योर्तिमठ पीठ पुरोहित ऋषि प्रसाद सती अपने गृह क्षेत्र ज्योर्तिमठ पहुंच गए हैं। उनके सम्मानित होकर लौटने पर शनिवार को छोटी दीपावली के पावन अवसर पर श्री नृसिंह मंदिर परिसर में भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।
बीते 4 से 6 नवंबर तक वाराणसी में आयोजित संस्कृति संसद-2026 एवं अंतरराष्ट्रीय जैन जी कॉन्क्लेव में गंगा महासभा की ओर से ऋषि प्रसाद सती को संत-महापुरुषों की उपस्थिति में सम्मानित किया गया था। धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह विशिष्ट सम्मान प्रदान किया गया।
ज्योर्तिमठ स्थित बीकेटीसी के श्री नृसिंह मंदिर कार्यालय पहुंचने पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ढोल-दमाऊं की पारंपरिक धुनों के साथ उनका स्वागत किया। इस दौरान कार्यालय परिसर को आकर्षक रंगोली से सजाया गया था। कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने फूलमालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया और काशी में मिले सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त की।
इस अवसर पर बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार जताते हुए दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और धार्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। काशी में प्राप्त सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के लिए भी गौरव का विषय है।
कार्यक्रम के दौरान श्री नृसिंह मंदिर परिसर में मिष्ठान वितरण भी किया गया। छोटी दीपावली के अवसर पर आयोजित इस स्वागत कार्यक्रम में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
इस अवसर पर श्री नृसिंह मंदिर प्रभारी एवं प्रशासनिक अधिकारी राजेंद्र सेमवाल, पुजारी सुशील डिमरी, रामप्रसाद थपलियाल, अमित देवराड़ी, लक्ष्मी प्रसाद सेमवाल, आशीष नंबूदरी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

