🚨 ग्लेशियर झीलों पर मंडरा रहा खतरा? उत्तराखंड में अब 24×7 होगी निगरानी!

देहरादून: उत्तराखंड में ग्लेशियर झीलों से संभावित खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने अत्याधुनिक तकनीक से निगरानी मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर उन्होंने ग्लेशियर झीलों और प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से पैदा हालात की समीक्षा की।
उन्होंने सैटेलाइट इमेजरी, ड्रोन, रिमोट सेंसिंग और सेंसर आधारित तकनीक के जरिए ग्लेशियर झीलों के जलस्तर और आकार में होने वाले बदलावों की रियल टाइम निगरानी के निर्देश दिए। संभावित खतरे वाले क्षेत्रों में अर्ली वार्निंग सिस्टम मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
🌧️ बारिश को लेकर भी हाई अलर्ट
मंत्री ने सभी विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। नदियों के जलस्तर, भूस्खलन, बंद सड़कों, बिजली-पानी और संचार व्यवस्था पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों में जेसीबी, पोकलैंड और अन्य मशीनरी पहले से तैनात रखने के साथ बंद सड़कों को प्राथमिकता से खोलने के निर्देश दिए गए हैं।
⚠️ यात्रियों और संवेदनशील लोगों पर विशेष नजर
मौसम और मार्ग की स्थिति को देखते हुए ही यात्रा संचालन करने को कहा गया है। नदी किनारे रहने वाले लोगों को समय रहते अलर्ट करने तथा डैम-बैराज से पानी छोड़े जाने पर डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों को पूर्व सूचना देने के निर्देश दिए गए।
गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और गंभीर रोगियों की विशेष निगरानी के साथ जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों और चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
🦟 डेंगू पर भी युद्धस्तर का अभियान
बारिश के बीच डेंगू की रोकथाम के लिए जलभराव वाले क्षेत्रों में पानी की निकासी, फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पतालों में जांच किट, दवाइयां, बेड और रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

